कर्पूरी ने पिछड़ों को हक व अधिकार दिलाया, चंदेश्वर.
दाउदनगर ग्रामीण व नगर परिषद क्षेत्र में कर्पूरी रथ का भव्य स्वागत किया गया। बताया गया लगभग 25 जिलों से होकर चंदेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में भ्रमण करते दाउदनगर पहुंचा जहां कार्य कर्ताओ ने उनका भव्य स्वागत किया. संबोधित करते पूर्व सांसद सह जदयू नेता श्री चंद्रवंशी ने कहा स्व कर्पूरी ठाकुर अति पिछड़े के मसीहा थे।जीवन पर्यन्त वे पिछड़ो की लड़ाई लड़ते रहे।अति पिछड़ो को आरक्षण देकर उन्होंने हक व अधिकार दिलाया। कर्पूरी छात्रावास, छात्रवृत्ति योजना आदि अनेकों काम कर्पूरी ठाकुर ने किया जो ऐतिहासिक है। कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य कर्पूरी ठाकुर के विचारों और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 19 सालों में जो काम किया है, उसको लोगों के सामने रखना है। कहा कि अति पिछड़ा समाज के लोग विकास से बहुत दूर थे।उन्हें मुख्य धारा में लाकर नीतीश कुमार ने सम्मान दिया।कहा कि वर्ष 2005 से पहले सूबे में सूर्यास्त के बाद घर से निकलने में लोग डरते थे।कानून व्यवस्था बदहाल थी. बदमाशों को कोई रोकने-टोकने वाला नहीं था।पहले बिहार का बजट केवल 27 करोड़ होता था, लेकिन जब से बिहार के लोगों ने नीतीश कुमार के हाथ में बागडोर दी, तब से सभी वर्गों के लिए विकास किया जा रहा है।बिहार का बजट दो लाख 72 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं ने अपील की कि वर्ष 2025 में सीएम नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाएं ताकि अधूरे कार्यों को पूरा कर बिहार राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जा सके। कहा कि देश का पहला राज्य बिहार है, जहां 30 हजार बेटियों को पुलिस सेवा में भर्ती की गयी है।सीएम नीतीश कुमार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं।बेटियां घर में चूल्हा फूंकने तक सीमीत नहीं हैं। बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर कई दफ्तरों में ऊंचे ओहदों पर कार्यरत हैं। वर्ष 2010 के बाद एक करोड़ 30 लाख महिलाएं जीविका से जुड़कर आत्मर्निभर बनी हैं। अध्यक्षता प्रीतम सिंह चंद्रवंशी व संचालन प्रशांत कुमार ने किया। इस अवसर पर राजेंद्र सरा्र्फ,जिला अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष जितेंद्र चंद्रवंशीजिला 20 शु्त्री सदस्य संजय पटेल, प्रखंड अध्यक्ष दीपक पटेल ,प्रखंड प्रवक्ता पप्पू गुप्ता ,सत्येंद्र कुमार, विजय पासवान दीनदयाल पटेल, छात्र प्रखंड अध्यक्ष मंगल चंद्रवंशी, संतोष दबगर ,अनंतु लहरी, कामता प्रसाद, लाल बिहारी चंद्रवंशी, शंकर प्रसाद, मनोज चंद्रवंशी, संतोष कुमार आदि उपस्थित थे।