अल्ट्रासाउंड सेवा बंद,मरीज परेशान

हसपुरा का एकमात्र पुराना रेफ़रल अस्पताल में कई वर्षों सेअल्ट्रासाउंड सेवा बंद है।मरीजों के बीच हहाकार मची हुई है।अस्पताल में आने वाले मरीज परेशान हैं।इस मजबूरी का फायदा निजी अल्ट्रासाउंड वाले उठा रहे हैं।अस्पताल में अल्ट्रासाउंड रहते मरीजों को निजी क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भारी भरकम राशि चुकाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज गरीब होते हैं।इसके बावजूद समस्या दूर नहीं हुई है। लोगों की सुविधा का ख्याल न तो सरकार ने और न ही स्वास्थ्य विभाग ने रखा है। अस्पताल में रोजाना करीब पांच सौ से अधिक मरीजों की संख्या।ओपीडी में रहती है।अधिक सुविधा के भरोसे ग्रामीण क्षेत्र से मरीज अस्पताल पहुंच जाते हैं।लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में लगभग पांच वर्ष से अधिक समय से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नही मिल पा रही है।ग्रामीण समारू साव,उदय प्रसाद,शंकर कुमार,छोटे कुमार ने कहा कि क्षेत्र के लिए दुर्भाग्य की बात है कि अल्ट्रासाउंड के रहते मरीजों को निजी लैब में जाना पड़ रहा व व्यर्थ के पैसा देना पड़ रहा है। उनका निजी क्लिनिक में जाना मजबूरी बन गई है। क्योंकि अस्पताल में विभिन्न बीमारियों से संबंधित मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए कहा ही जाता है।ऐसे में निजी लैब वांले मनमाना पैसा भी वसूलते हैं।ग्रामीणों ने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो ग्रामीणों को आंदोलन करने पर बाध्य होना पड़ेगा। सरकार के नुमाइंदे भी इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।ग्रामीणों ने विभाग से शीघ्र सेवा शुरू करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट भेजने की मांग विभाग से की है। अस्पताल प्रबंधक रवि प्रकाश बताते हैं कि अस्पताल में मशीन तो काफी समय से है लेकिन जब तक इसके विशेषज्ञ नही आएंगे सेवा दे पाना मुश्किल है।इसके लिए विभाग को अवगत कराया गया है।जब रेफ़रल अस्पताल को सामदायिक स्वास्थ्य के नए भवन में शिफ्ट किया गया तो लोगो को लगा था कि अस्पताल में अब बेहतर सुविधाएं मिलेगी लेकिन अबतक अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं से मरीज वंचित है।इस संबंध में अस्पताल के प्रबंधक रवि प्रकाश बताते हैं कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड तो बहुत दिनों से है लेकिन सेवा के लिए रेडियोलॉजिस्ट नही है। जब तक इसके विशेषज्ञ नही आएंगे सेवा दे पाना मुश्किल है।