नियोजित शिक्षकों ने सक्षमता को बताया साजिश।

नियोजित शिक्षकों ने सक्षमता को बताया साजिश।

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल के प्रदेश महासचिव सह जिला अध्यक्ष जयंत कुमार सिंह के अध्यक्षता में जिले भर के नियोजित शिक्षकों की एक आम बैठक औरंगाबाद शहर के गेट स्कूल के प्रांगण में हुई। बैठक में जिले भर के क्रांतिकारी नियोजित शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित हुए। यह बैठक बिहार के लगभग सभी जिलों में पूर्व से निर्धारित तिथि के अनुसार की गई।बैठक में उपस्थित शिक्षक शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव जयंत सिंह ने कहा के वर्तमान में सरकार साजिश के तहत नियोजित शिक्षकों का पूर्व से मिलने वाले सारे हक को छिनने की दृष्टि से सक्षमता और बनावटी राज्य कर्मी के नाम पर गुमराह कर रही है। वहीं दूसरी ओर नियोजित शिक्षक के कई नेता भी शिक्षकों को गुमराह करने और डर पैदा करने में पीछे नहीं रहे। नतीजा भोले भाले नियोजित शिक्षक शिक्षिकाएं साजिश के शिकार हो गए और उन्हें अपनी 20 वर्ष की पुरानी नौकरी को छोड़ देना पड़ा। क्योंकि सक्षमता के बाद विशिष्ट शिक्षक बिल्कुल नई नियुक्ति है, नियोजित शिक्षकों को पहले से मिलने वाला जो वेतन था उससे लगभग ₹10000 वेतन कम हो गया। अब नियोजित से विशिष्ट बने शिक्षक पश्चाताप की आंसू बहा रहे हैं। वर्ष 2017 में हाई कोर्ट के द्वारा शिक्षकों की मांग, समान काम के समान वेतन की जीत हो गई थी। परंतु वर्तमान सरकार के द्वारा शिक्षकों के विरुद्ध में सुप्रीम कोर्ट में मामला को ले जाया गया जहां पर सरकार के द्वारा तरह-तरह का दलील पेश कर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा साजिश करते हुए समान काम के समान वेतन को बाधित करने का काम किया गया। वर्तमान सरकार के द्वारा कहा गया की बिहार की जब स्थिति सुधरेगी तो हम इनको समान काम का समान वेतन दे देंगे। लेकिन भोले भाले नियोजित सरकार के साजिश की जाल में फंसकर समान काम का समान वेतन क्या लेते हैं अपनी पुरानी नौकरी ही छोड़ बैठे और बन गए विशिष्ट। सरकार सिर्फ और सिर्फ नियोजित शिक्षकों को इसलिए विशिष्ट बनाना चाहती है ताकि शिक्षकों के मिलने वाला पूर्व से निर्धारित सभी प्रकार के लाभों से वंचित कर दिया जाए।

वर्तमान में नियोजित शिक्षकों को निम्न लाभ से वंचित किया जा रहा है।

1. वैसे नियोजित शिक्षक जिनके सेवा का 12 वर्ष हो चुका है उन्हें काल वध प्रोन्नति के साथ-साथ लगभग मूल वेतन में ₹5000 की वृद्धि नियमावली 2020 के तहत मिलना सुनिश्चित है।
2. वैसे बेसिक ग्रेड के शिक्षक जिनके सेवा का 8 वर्ष पूरा हो गया उन्हें स्नातक ग्रेड में  प्रोन्नति नियमावली 2020 के तहत मिलना सुनिश्चित है।
3. वैसे स्नातक ग्रेड के नियोजित शिक्षक जिनके सेवा का 5 वर्ष हो चुका उन्हें प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति नियमावली 2020 के तहत बिल्कुल सुनिश्चित है।
4. योगदान की तिथि से नियोजित शिक्षकों को मूल वेतन से EPF की कटौती होना सुनिश्चित है!।
5. ग्रेच्युटी का लाभ मिलना सुनिश्चित है।
6. वर्ष 2015 से मिलने वाले ग्रेड पे को समाप्त की साजिश।
7. 5200 से20200 का मिलने वाला पे स्केल को समाप्त की साजिश।

सभी लाभों से वंचित करने की दृष्टि से राज्य सरकार के द्वारा समान काम के समान वेतन को नजरअंदाज करते हुए बनावटी राज्य कर्मी का प्रलोभन देकर सक्षमता के नाम पर नियोजित शिक्षकों से उनका मिलने वाला हक विशिष्ट के रूप में छिनने का काम किया। अब विशिष्ट शिक्षकों की सेवा बिल्कुल नीव हो गई। वह जब से जॉइनिंग करेंगे उनका जोइनिंग तिथि वही होगा उनका ग्रेड पे समाप्त कर दिया गया उनका पे स्केल समाप्त कर दिया गया उनको मिलने वाली सारी सुविधाओं को समाप्त कर दिया गया। परंतु अभी भी बिहार के लगभग 1 लाख से ऊपर नियोजित शिक्षक नियोजन इकाई में ही रहकर नियोजित शिक्षक बनकर अपने सारे सुविधाओं को लेने का संकल्प लिया है। यदि सरकार उनके सुविधाओं के साथ अनदेखा करती है तो नियोजित शिक्षक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जायेंगे और मजबूती से लड़ेंगे। बैठक में जिला सचिव राजीव यादव एवं जिला कोषाध्यक्ष कैसर नवाब ने कहा की बिहार सरकार के झांसे में आने वाले नियोजित शिक्षक कहीं का नहीं रह गए। उनका सब कुछ बर्बाद हो गया। अब वह बिल्कुल नई नौकरी में आ गये हैं। नीतीश कुमार ने कहा था कि मैं आपको अध्यापक वाली सारी सुविधा दूंगा आज उन्होंने करके दिखाया। जो आज चार दिन के लड़के बहाल हो रहे हैं उन्हें दी जाने वाली सुविधा ही 20 वर्ष से नौकरी करने वालों को दिया जाएगा। बचे हुए नियोजित शिक्षक बिल्कुल सावधान हो गए, अब वह किसी के झांसे में नहीं आएंगे नियोजित बनकर ही अपने सारे हक को छीनने का काम करेंगे। संवैधानिक तरीके से हम लोगों का आंदोलन जारी रहेगा। इस बैठक में सैकड़ो शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित हुए। जिला उपाध्यक्ष शमसी जी, कृष्णा सिंह, जिला प्रवक्ता ,इमरान अंसारी, जिला कार्यालय मंत्री ,पवन कुमार, जिला मीडिया प्रभारी सुजीत कुमार, जिला सलाहकार भीम सिंह यादव, जिला संयोजक सत्येंद्र पासवान, मदनपुर प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र सिंह ,बलवंत सिंह बद्रीनारायण सिंह उदय नारायण ,श्रीकांत कुमार ,नंद गोपाल सिंह ,मुकेश कुमार संजय सिंह रमेश सिंह महेंद्र कुमार नंदलाल राम सुदामा कुमार उदय कुमार जुल्फिकार हैदर अली सरताज अहमद रिजवान ,अंजू कुमारी, रवीना कुमारी, सुनीता कुमारी लक्ष्मी कुमारी ,किरण कुमारी शोभा कुमारी ,द्रोपती कुमारी रूपम कुमारी ,पिंकी कुमारी ,रीता कुमारी ,प्रतिमा कुमारी ,पूनम कुमारी, रीना कुमारी, कुसुम कुमारी, रेणु कुमारी ,संजू कुमारी ,सरिता कुमारी ,सरस्वती कुमारी प्रेमशिला कुमारी, शकुंतला कुमारी ,अंशु कुमारी ,नीलम कुमारी, बबिता कुमारी ,रंजू कुमारी, सुशीला कुमारी ,रुबी कुमारी ज्योति प्रभा कुजूर इत्यादि